7 Day Rajyog Course | ब्रह्माकुमारी राजयोग ध्यान पूर्ण मार्गदर्शन

राजयोग क्या है? | Rajyog Kya Hai (सरल शब्दों में)

राजयोग आत्मा और परमात्मा के बीच का पवित्र योग (संबंध) है।
यह कोई शारीरिक व्यायाम या कठिन आसन नहीं, बल्कि मन और बुद्धि से किया जाने वाला ध्यान है, जिसमें आत्मा अपने परम स्रोत परमात्मा शिव को याद करती है।

राजयोग का अर्थ

  1. राज = शासन (स्वयं पर शासन)

  2. योग = जोड़ / संबंध
    👉 यानी मन, विचार और इंद्रियों पर राज करना—इसी को राजयोग कहा जाता है।

राजयोग में क्या होता है?

  1. आत्मा स्वयं को शांत, पवित्र और शक्तिशाली अनुभव करती है

  2. परमात्मा से जुड़कर शांति और शक्ति ग्रहण करती है

  3. मन की अशांति, तनाव और नकारात्मकता कम होती है

राजयोग कैसे किया जाता है?

  1. आराम से बैठकर, आँखें आधी खुली रखकर

  2. यह सोचकर: “मैं एक शांत आत्मा हूँ”

  3. परमात्मा शिव को याद करके उनसे शक्ति लेना

राजयोग के लाभ

  1. मानसिक शांति और स्थिरता

  2. सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास

  3. संस्कारों में सुधार (क्रोध, अहंकार में कमी)

  4. बेहतर पारिवारिक और व्यावहारिक जीवन

संक्षेप में

राजयोग आत्मा को उसकी असली पहचान याद दिलाता है और परमात्मा से जोड़कर जीवन को शांत, शक्तिशाली और पवित्र बनाता है।

7 Days Rajyoga Course

🗓️ पहला दिन: आत्मा की पहचान

  1. आत्मा क्या है और मैं कौन हूँ?
  2. शरीर और आत्मा में अंतर
  3. आत्मा का मूल स्वभाव: शांति, प्रेम, पवित्रता
👉 जब पहचान सही होती है, तो जीवन की दिशा सही हो जाती है।

🗓️ दूसरा दिन: परमात्मा का सत्य परिचय

  1. परमात्मा कौन हैं?
  2. शिव परमात्मा का वास्तविक स्वरूप
  3. आत्मा और परमात्मा का संबंध
👉 परमात्मा से जुड़कर आत्मा को सच्ची शक्ति मिलती है।

🗓️ तीसरा दिन: राजयोग ध्यान क्या है और कैसे करें

  1. राजयोग का अर्थ और महत्व
  2. सहज राजयोग ध्यान की विधि
  3. ध्यान के समय आने वाली समस्याओं का समाधान
👉 राजयोग मन को स्थिर और शांत बनाता है।

🗓️ चौथा दिन: संस्कार और कर्म का रहस्य

  1. संस्कार क्या हैं और कैसे बनते हैं
  2. कर्म का सिद्धांत (जैसा कर्म वैसा फल)
  3. नकारात्मक संस्कारों को बदलने की विधि
👉 संस्कार बदलते हैं तो भाग्य बदलता है।

🗓️ पाँचवाँ दिन: पाँच विकार और उनसे मुक्ति

  1. काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार की पहचान
  2. विकार जीवन को कैसे कमजोर करते हैं
  3. राजयोग से विकारों पर विजय कैसे पाएँ
👉 विकारों से मुक्त जीवन ही सच्चा सुख है।

🗓️ छठा दिन: शुद्ध और सकारात्मक जीवनशैली

  1. पवित्रता का महत्व
  2. सकारात्मक सोच कैसे विकसित करें
  3. रिश्तों में प्रेम और सम्मान कैसे बढ़ाएँ
👉 शुद्ध सोच से ही श्रेष्ठ जीवन बनता है।

🗓️ सातवाँ दिन: जीवन का लक्ष्य और स्वर्णिम भविष्य

  1. जीवन का सच्चा उद्देश्य
  2. संगम युग का महत्व
  3. राजयोग से श्रेष्ठ भविष्य की रचना
👉 आज का पुरुषार्थ, कल का स्वर्ग बनाता है।

🌟 7-दिवसीय राजयोग कोर्स के लाभ

  1. गहरी मानसिक शांति

  2. आत्मिक शक्ति और आत्मविश्वास

  3. तनाव, भय और नकारात्मकता से मुक्ति

  4. जीवन में स्पष्टता और संतुलन





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