राजयोग ध्यान करने की सही विधि | Brahma Kumaris Rajyoga Meditation in Hindi


आज का जीवन तेज़, प्रतिस्पर्धा से भरा और तनावपूर्ण हो गया है। मनुष्य के पास साधन तो बहुत हैं, लेकिन मन की शांति, आत्मिक शक्ति और स्थिरता का अभाव है।

ऐसे समय में राजयोग ध्यान एक ऐसी सहज और प्रभावशाली विधि है, जो मनुष्य को बाहरी परिस्थितियों से हटाकर अपने भीतर की शांति और शक्ति से जोड़ती है

राजयोग ध्यान कोई कठिन साधना नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के बीच प्रेमपूर्ण संबंध है, जिसे कोई भी व्यक्ति—किसी भी उम्र, धर्म या परिस्थिति में—आसानी से कर सकता है।


राजयोग ध्यान क्या है?

राजयोग ध्यान आत्मा और परमात्मा के बीच योग (संबंध) है।
यह योग शरीर से नहीं, बल्कि मन और बुद्धि से किया जाता है

राजयोग में:

  1. आत्मा स्वयं को शरीर से अलग पहचानती है

  2. परमात्मा शिव को याद करती है

  3. उनसे शांति, शक्ति और पवित्रता ग्रहण करती है

इसीलिए इसे सहज राजयोग ध्यान कहा जाता है।


राजयोग ध्यान की नींव: आत्मा की सही पहचान

राजयोग ध्यान करने से पहले यह समझना आवश्यक है कि:

मैं यह शरीर नहीं हूँ, मैं एक आत्मा हूँ।

आत्मा क्या है?

  1. आत्मा एक चैतन्य ज्योति बिंदु है

  2. जो शरीर को चलाती है

  3. सोचती, समझती और निर्णय लेती है

उदाहरण:

जैसे ड्राइवर कार नहीं होता,
वैसे ही आत्मा शरीर नहीं है।

जब तक यह समझ नहीं होगी, ध्यान गहराई से अनुभव नहीं हो पाएगा।


परमात्मा का सही परिचय – राजयोग का आधार

राजयोग ध्यान में परमात्मा को शिव कहा गया है।

परमात्मा:

  1. निराकार हैं

  2. जन्म-मरण से परे हैं

  3. सभी आत्माओं के परम पिता हैं

  4. शांति, शक्ति और पवित्रता के सागर हैं

जब आत्मा परमात्मा को याद करती है,
तो आत्मा का आंतरिक चार्ज होने लगता है।


राजयोग ध्यान करने की सही विधि (Step by Step)

राजयोग ध्यान की विधि बहुत सरल है। इसमें न तो कोई मंत्र है और न ही कोई कठिन आसन।

🧘‍♀️ Step 1: सही स्थान और समय चुनें

  1. शांत और साफ़ स्थान चुनें

  2. सुबह या रात का समय उत्तम रहता है

  3. मोबाइल और ध्यान भंग करने वाली चीज़ों से दूरी रखें


🧘‍♂️ Step 2: सही बैठने की स्थिति

  1. कुर्सी या ज़मीन पर आराम से बैठें

  2. रीढ़ सीधी रखें

  3. आँखें पूरी बंद न करें, आधी खुली रखें

राजयोग ध्यान में नींद नहीं, सजगता आवश्यक है।


✨ Step 3: आत्म-स्मृति का अभ्यास

अब मन में यह संकल्प करें:

“मैं एक शांत आत्मा हूँ।”

स्वयं को:

  1. एक ज्योति बिंदु के रूप में देखें

  2. शरीर से अलग अनुभव करें

उदाहरण:

जैसे बल्ब से रोशनी निकलती है,
वैसे ही आत्मा से चेतना निकलती है।


🌼 Step 4: परमात्मा से योग जोड़ना

अब परमात्मा शिव को याद करें:

  1. उन्हें शांति और शक्ति के सागर के रूप में देखें

  2. अनुभव करें कि उनसे दिव्य किरणें आत्मा तक आ रही हैं

यह याद का योग ही राजयोग है।


🔆 Step 5: शक्ति और शांति को ग्रहण करना

कुछ समय तक यह अनुभव करें:

  1. शांति आत्मा में भर रही है

  2. मन हल्का हो रहा है

  3. नकारात्मकता समाप्त हो रही है

5–10 मिनट का यह अभ्यास
धीरे-धीरे गहरा होता चला जाता है।


राजयोग ध्यान करते समय आने वाली सामान्य समस्याएँ

1. मन का भटकना

👉 यह स्वाभाविक है।
मन भटके तो धीरे से फिर आत्मा और परमात्मा की याद में लाएँ।

2. नींद आना

👉 आँखें आधी खुली रखें, सीधा बैठें।

3. विचार अधिक आना

👉 विचारों को रोकें नहीं, दिशा बदलें।


राजयोग ध्यान से होने वाले लाभ

राजयोग ध्यान से:

  1. मानसिक शांति बढ़ती है

  2. तनाव और चिंता कम होती है

  3. आत्मिक शक्ति जागृत होती है

  4. सकारात्मक सोच विकसित होती है

  5. रिश्ते मधुर होते हैं

राजयोग ध्यान जीवन जीने की कला सिखाता है।



दैनिक जीवन में राजयोग ध्यान का अभ्यास कैसे करें?

राजयोग केवल बैठकर ध्यान करने तक सीमित नहीं है।

  1. चलते-फिरते आत्म-स्मृति

  2. कार्य करते हुए परमात्मा को याद करना

  3. प्रतिक्रिया से पहले रुककर सोचना

इसे ही कहा जाता है:

“याद में रहकर कर्म करना”


मुरली का संदेश: याद ही असली साधना है

मुरली में परमात्मा कहते हैं:

“बच्चे, मुझे याद करो और विकारों को जलाओ।”

याद से:

  1. आत्मा शुद्ध होती है

  2. कर्म श्रेष्ठ बनते हैं

  3. भविष्य स्वर्णिम बनता है


📌 राजयोग ध्यान सिखाने वाले वीडियो

👉 Video 1: राजयोग ध्यान की सही विधि


 


👉 Video 2: आत्मा और परमात्मा का अनुभव


 



राजयोग ध्यान को नियमित बनाने के लिए सुझाव

  1. रोज़ एक निश्चित समय तय करें

  2. छोटे-छोटे लक्ष्य रखें

  3. अनुभवों को लिखें

  4. निरंतरता बनाए रखें


निष्कर्ष: राजयोग ध्यान – आत्मा को शक्तिशाली बनाने की सहज विधि

राजयोग ध्यान कोई कठिन साधना नहीं,
बल्कि स्वयं को पहचानने और परमात्मा से जुड़ने की सहज कला है।

जब आत्मा:

  1. स्वयं को आत्मा समझती है

  2. परमात्मा को याद करती है

तो जीवन:

  1. शांत

  2. संतुलित

  3. और अर्थपूर्ण बन जाता है।

राजयोग ध्यान अपनाएँ और अपने भीतर छुपी शांति व शक्ति को जागृत करें।

Om Shanti 🙏


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