🕉️ Day 8 Rajyog Course– मुरली का महत्व
राजयोग के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए अब हम उस दिव्य ज्ञान से जुड़ते हैं, जिसे मुरली कहा जाता है।
मुरली केवल प्रवचन नहीं, बल्कि परमात्मा शिव द्वारा दिया गया प्रतिदिन का आध्यात्मिक संदेश है, जो आत्मा को जागृत करता है, दिशा देता है और जीवन को श्रेष्ठ बनाता है।
इस Day 8 में हम जानेंगे कि:
मुरली क्या है
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इसका राजयोग में क्या महत्व है
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और इसे जीवन में कैसे अपनाया जाए
👇 नीचे दिया गया वीडियो मुरली के महत्व को बहुत सरल और गहराई से समझाता है।
Rajyog Meditation Course | Day 8 | Importance of Murli by BK Ashish Meditation
🟢 मुरली क्या है?
मुरली का अर्थ है –
👉 ईश्वर की मधुर वाणी
ब्रह्माकुमारीज़ में मुरली वह दिव्य ज्ञान है, जो परमात्मा शिव द्वारा ब्रह्मा बाबा के माध्यम से दिया गया।
यह ज्ञान आत्मा को उसकी सच्ची पहचान, लक्ष्य और जीवन मूल्यों से परिचित कराता है।
मुरली दो प्रकार की होती है:
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साकार मुरली – जब ब्रह्मा बाबा के माध्यम से ज्ञान दिया गया
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अव्यक्त मुरली – बापदादा के रूप में सूक्ष्म ज्ञान
🟣 मुरली का आध्यात्मिक महत्व
मुरली आत्मा के लिए वैसी ही है जैसे:
शरीर के लिए भोजन
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मन के लिए शांति
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जीवन के लिए दिशा
मुरली से हमें मिलता है:
✔ आत्म-ज्ञान
✔ परमात्मा से संबंध की गहराई
✔ नकारात्मक सोच से मुक्ति
✔ श्रेष्ठ संस्कारों की प्राप्ति
🔵 मुरली और राजयोग का संबंध
राजयोग केवल ध्यान नहीं, बल्कि ज्ञान + अभ्यास + संस्कार परिवर्तन है।
मुरली हमें यह सिखाती है कि:
ध्यान कैसे गहरा करें
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कर्म कैसे श्रेष्ठ बनाएं
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परिस्थितियों में स्थिर कैसे रहें
👉 मुरली राजयोग का आध्यात्मिक ईंधन है।
🟠 मुरली रोज़ पढ़ने / सुनने के लाभ
जो आत्मा नियमित मुरली से जुड़ती है:
उसका मन स्थिर रहता है
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क्रोध, भय और तनाव कम होते हैं
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जीवन में स्पष्टता आती है
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आत्मबल और आत्मसम्मान बढ़ता है
मुरली हमें अंदर से मजबूत बनाती है।
🟤 मुरली को जीवन में कैसे अपनाएं?
✔ रोज़ सुबह मुरली पढ़ें या सुनें
✔ एक बिंदु पर दिनभर चिंतन करें
✔ जीवन में उसका अभ्यास करें
✔ रात को स्वयं से चेक करें – आज क्या बदला?
छोटा-सा अभ्यास भी बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
🔴 आज के समय में मुरली क्यों ज़रूरी है?
आज की दुनिया में:
तनाव
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भ्रम
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अशांति
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असंतुलन
हर जगह है।
👉 मुरली आत्मा को सत्य, शांति और स्थिरता की ओर लौटाती है।
🟢 निष्कर्ष (Conclusion)
मुरली केवल सुनने की चीज़ नहीं, बल्कि जीने की कला है।
जो आत्मा मुरली को अपनाती है, वही सच्चे अर्थों में राजयोगी बनती है।
Day 8 हमें सिखाता है –
👉 ईश्वर की वाणी से जुड़ना ही जीवन को श्रेष्ठ बनाने का मार्ग है।

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