राजयोग क्या है?

 

प्रस्तावना: आज के समय में राजयोग की आवश्यकता

आज का मनुष्य बाहरी सुख-सुविधाओं से घिरा होने के बावजूद अंदर से अशांत, तनावग्रस्त और असंतुष्ट है। रिश्तों में कड़वाहट, मन में चिंता, और जीवन में अस्थिरता बढ़ती जा रही है। ऐसे समय में राजयोग ज्ञान एक ऐसी आध्यात्मिक विधा है, जो मनुष्य को बाहरी दुनिया से नहीं, बल्कि अपने भीतर की शांति और शक्ति से जोड़ती है

राजयोग केवल ध्यान करने की एक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाला आत्मिक विज्ञान है, जो हमें सिखाता है कि हम वास्तव में कौन हैं और हमारा परम स्रोत कौन है।


राजयोग क्या है? (What is Rajyoga in Hindi)

राजयोग का अर्थ है – राजा बनने का योग, अर्थात् मन और इंद्रियों पर शासन करना।
यह योग शरीर से नहीं, बल्कि मन और बुद्धि से किया जाता है

राजयोग वह दिव्य विधि है जिसमें:

  1. आत्मा, परमात्मा शिव से संबंध जोड़ती है

  2. आत्मा अपनी खोई हुई शक्तियों को पुनः प्राप्त करती है

  3. मन शांत, स्थिर और सकारात्मक बनता है

राजयोग को ब्रह्मा कुमारियों द्वारा सिखाया गया सहज राजयोग ध्यान भी कहा जाता है।



आत्मा ज्ञान: राजयोग की पहली सीढ़ी

राजयोग की शुरुआत आत्मा ज्ञान से होती है।
जब तक हम स्वयं को शरीर समझते रहेंगे, तब तक सच्ची शांति संभव नहीं है।

आत्मा कौन है?

आत्मा:

  1. एक चैतन्य ज्योति बिंदु है

  2. शरीर को चलाने वाली शक्ति है

  3. शांति, प्रेम और पवित्रता का स्रोत है

👉 जैसे मोबाइल बिना बैटरी के काम नहीं करता,
👉 वैसे ही शरीर आत्मा के बिना निर्जीव है।

जब आत्मा अपनी असली पहचान भूल जाती है, तब ही दुख, भय और अशांति जन्म लेते हैं।


परमात्मा परिचय: शिव परमात्मा कौन हैं?

राजयोग में परमात्मा को शिव बाबा कहा गया है।
वे:

  1. निराकार हैं

  2. जन्म-मरण से परे हैं

  3. सभी आत्माओं के परम पिता हैं

परमात्मा इस संगम युग पर आकर आत्माओं को:

  1. आत्मा ज्ञान देते हैं

  2. राजयोग सिखाते हैं

  3. विकारों से मुक्त करते हैं

सूर्य स्वयं जलता नहीं, पर प्रकाश देता है।
उसी प्रकार परमात्मा स्वयं सदा पवित्र हैं और आत्माओं को पवित्र बनाते हैं।


राजयोग ध्यान विधि: कैसे करें राजयोग मेडिटेशन

राजयोग ध्यान बहुत सरल है। इसमें:

  1. कोई आसन नहीं

  2. कोई मंत्र नहीं

  3. कोई शारीरिक कष्ट नहीं

राजयोग ध्यान की सरल विधि:

  1. शांत स्थान पर आराम से बैठ जाएँ

  2. आँखें आधी खुली रखें

  3. मन में विचार करें – मैं एक शांत आत्मा हूँ

  4. परमात्मा शिव को याद करें

  5. उनसे शांति और शक्ति का अनुभव करें

इस अभ्यास से:

  1. मन स्थिर होता है

  2. नकारात्मक विचार कम होते हैं

  3. आत्मविश्वास बढ़ता है


राजयोग द्वारा संस्कार परिवर्तन

राजयोग का मुख्य उद्देश्य है – संस्कारों का शुद्धिकरण

मनुष्य के पाँच विकार:

  1. काम

  2. क्रोध

  3. लोभ

  4. मोह

  5. अहंकार

ये विकार आत्मा की शक्ति को क्षीण कर देते हैं।

राजयोग से होने वाला परिवर्तन:

  1. क्रोध → शांति

  2. अहंकार → नम्रता

  3. लोभ → संतोष

  4. मोह → प्रेम

उदाहरण:
जैसे लोहे को आग में डालने से वह शुद्ध होता है,
वैसे ही आत्मा परमात्मा की याद की अग्नि से शुद्ध होती है।


राजयोग और कर्म दर्शन

राजयोग हमें सिखाता है कि:

जैसे विचार, वैसे शब्द; जैसे शब्द, वैसे कर्म; और जैसे कर्म, वैसा भाग्य।

जब आत्मा शुद्ध होती है:

  1. कर्म स्वतः शुद्ध हो जाते हैं

  2. भाग्य श्रेष्ठ बनने लगता है

राजयोग कर्म करते हुए भी मन को परमात्मा से जोड़े रखने की कला सिखाता है।


राजयोग का पारिवारिक और व्यावहारिक जीवन पर प्रभाव

राजयोग केवल ध्यान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला है।

राजयोग अपनाने से:

  1. परिवार में प्रेम और सहयोग बढ़ता है

  2. कार्यस्थल पर एकाग्रता आती है

  3. तनाव और अवसाद कम होता है

  4. निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है

जब आत्मा शांत होती है, तो उसका प्रभाव पूरे वातावरण पर पड़ता है।


मुरली का सार और राजयोग

मुरली में परमात्मा कहते हैं:

“मनमनाभव” – मन को मुझमें लगाओ
“मध्याजी भव” – मुझे याद करके कर्म करो

मुरली का मुख्य संदेश:

  1. याद से विकार नष्ट होते हैं

  2. याद से आत्मा शक्तिशाली बनती है

  3. याद से भविष्य स्वर्णिम बनता है


राजयोग के लाभ (Benefits of Rajyoga Meditation)

राजयोग से मिलने वाले प्रमुख लाभ:

  1. गहन मानसिक शांति

  2. सकारात्मक सोच

  3. आत्मिक शक्ति

  4. श्रेष्ठ संस्कार

  5. सुखमय जीवन

राजयोग आत्मा को स्वराज्य सिखाता है – स्वयं पर शासन।


राजयोग और स्वर्णिम भविष्य

ब्रह्मा कुमारी ज्ञान के अनुसार:

  1. वर्तमान समय संगम युग है

  2. यहीं से स्वर्णिम युग की शुरुआत होती है

  3. राजयोग द्वारा आत्मा अपने श्रेष्ठ भाग्य का निर्माण करती है


निष्कर्ष: राजयोग – जीवन को दिव्य बनाने की कला

राजयोग कोई धर्म नहीं, बल्कि आत्मिक विज्ञान है।
यह हमें सिखाता है:

  1. मैं कौन हूँ

  2. मेरा परम स्रोत कौन है

  3. जीवन को श्रेष्ठ कैसे बनाना है

आज के तनावपूर्ण जीवन में राजयोग एक वरदान है, जो हर आत्मा को शांति, शक्ति और पवित्रता की अनुभूति कराता है।

Om Shanti 🙏



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